★ बोलिए · ये ख़ुद बना देगा

परिवार बड़ा।याददाश्त छोटी।

पुरानी फ़ोटो का एक डिब्बा है, जिसमें आधे लोगों को आप पहचानते ही नहीं। एक नानी, जिन्हें आज भी सबके नाम याद हैं। और एक फ़ैमिली ग्रुप, जहाँ किसी को नहीं पता कि ये भाईसाहब किसके बेटे हैं। बस बताइए — SeeWider फ़ैमिली ट्री बना देता है और सँभालकर रखता है।

मुफ़्त, कोई कार्ड नहीं। नाम और रिश्ते वैसे ही, जैसे घर में बोलते हैं।

फ़ोटो का डिब्बा

सब जाने-पहचाने लगते हैं।
नाम किसी का नहीं पता।

फ़ोटो, जिनके पीछे कुछ नहीं लिखा। लोग, जिन्हें कभी सब जानते थे।

बताइए

जैसे खाना खाते वक़्त बताते हैं।

“ये नानाजी हैं, और ये नानी। मम्मी सबसे बड़ी हैं — छोटी वाली सरिता मौसी हैं।”

बस हो गया

हर कोई अपनी जगह पर।

मौसी मम्मी की तरफ़, चाचा पापा की तरफ़। फिर लिंक फ़ैमिली ग्रुप में भेज दीजिए, ताकि बाक़ी लोग वो नाम जोड़ दें जो आपको नहीं पता।

1व्यक्ति

शुरू में बस आप हैं।

थोड़ा पीछे हटिए।

बोलिए, ये बना देगा

“मेरी मम्मी के भाई” कहने की ज़रूरत नहीं। बस “मामा” कहिए — SeeWider समझ जाता है कि किस तरफ़ के हैं, और वहीं जोड़ देता है। किसी एक वाक्य पर टैप कीजिए।

1रिश्ते वैसे ही बोलिए जैसे घर में बोलते हैं: मामा, चाचा, बुआ, मौसी, साढ़ू।
2तारीख़ और शहर जैसे आप लिखते हैं। वैसे ही रहेंगे।
3आपकी हाँ के बिना कुछ नहीं बदलता — पहले दिखाता है, फिर बनाता है।
इनमें से किसी वाक्य पर टैप कीजिए:
आप कहते हैं:
Instagram से, एक टैप में

आपकी मौसेरी बहन का प्रोफ़ाइल है, फ़ोटो भी वहीं है। प्रोफ़ाइल भेजिए — नाम और फ़ोटो के साथ वो आपके बोर्ड पर आ जाएगी।

1फ़ोन पर: Instagram से उसका प्रोफ़ाइल SeeWider पर शेयर कीजिए।
2कंप्यूटर पर: Chrome एक्सटेंशन से, उसके प्रोफ़ाइल पर एक क्लिक।
3बताइए कि वो आपकी क्या लगती है। बस।
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स्क्रॉल करते रहिए — या दोनों में से एक चुनिए
1979
’79 10 20
कमल फ़ोटो स्टूडियो
जयपुर
दिवाली ’79 — अपने घर पर

दिवाली ’79। इस फ़ोटो में हर किसी का एक नाम था।

पीछे नानाजी ने पेंसिल से लिखा था, कौन कौन है।

जो भी जाता है, कुछ नाम साथ ले जाता है।

अब सिर्फ़ मम्मी को याद है।

जब तक मम्मी को याद है, लिख लीजिए।
मेरा फ़ैमिली ट्री शुरू करें

हर परिवार में एक “ये कौन हैं?” होता है

किसी कार्ड पर टैप कीजिए।

ममेरी बहन की शादीये अंकल कौन हैं, जो ऐसे गले मिल रहे हैं जैसे बरसों से जानते हों?पलटिए →
SeeWider के साथ

फ़ोन निकालिए, नाम टाइप कीजिए: “पापा के चचेरे भाई का बेटा”। एक सेकंड, और ज़बरदस्ती की मुस्कान ख़त्म।

12 सेकंड
नानाजी की बरसीकाश एक बार पूछ लिया होता कि उनके पिताजी कौन थे।पलटिए →
SeeWider के साथ

नानी को अब भी याद है। अगली बार उनके पास बैठें, तो बस सुनिए और लिखते जाइए। कहानियाँ लोगों के साथ रहती हैं, उन नाती-पोतों के लिए जो अभी पैदा भी नहीं हुए।

आगे वालों के लिए
फ़ैमिली ग्रुपबुआ, इस फ़ोटो में ये आंटी कौन हैं?पलटिए →
SeeWider के साथ

ग्रुप में एक लिंक। सब एक ही चीज़ देखते हैं, जिसे जो पता है जोड़ देता है, और फ़ोटो गुड मॉर्निंग मैसेजों में खोती नहीं।

एक लिंक
पाँच मिनट। तीन पीढ़ियाँ।
1

बताइए

एक वाक्य, एक पैराग्राफ़, या वो क़िस्सा जो नानी हज़ार बार सुना चुकी हैं।

प्रिया, आरव की पत्नी है, 1990 में पुणे में पैदा हुई। उनकी दो बेटियाँ हैं, अवनि और इरा।
2

देखिए, फिर टिक कीजिए

आपकी हाँ के बिना कुछ नहीं बदलता। जो आपका मतलब नहीं था, उसका टिक हटा दीजिए।

✓प्रिया — आरव की पत्नी
✓प्रिया · 1990 · पुणे
अवनि — प्रिया की बहन
✓अवनि और इरा — उनकी बेटियाँ
3

परिवार को भेजिए

आपकी मौसेरी बहन को वो नाम पता हैं जो आपको नहीं। सिर्फ़ वही शाखा शेयर कीजिए जो आप चाहें।

seewider.com/b/ansari
आपकी जेब में

ये सब Android ऐप में भी है — बोलिए, टिक कीजिए, भेजिए।

आप कहते हैं, यह सुझाता है, आप हाँ करते हैं
आप कहते हैं, यह सुझाता है, आप हाँ करते हैं
परिवार, काम और स्कूल — एक ही बोर्ड पर
परिवार, काम और स्कूल — एक ही बोर्ड पर
पीढ़ी-दर-पीढ़ी पीछे जाइए
पीढ़ी-दर-पीढ़ी पीछे जाइए
एक इंसान, और उसके बारे में सब कुछ
एक इंसान, और उसके बारे में सब कुछ
एक शाखा साझा कीजिए, बाकी अपने पास
एक शाखा साझा कीजिए, बाकी अपने पास
ख़ाली बोर्ड से नहीं, एक कहानी से शुरू कीजिए
ख़ाली बोर्ड से नहीं, एक कहानी से शुरू कीजिए
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पहले किसी पूरे ट्री में घूम आइए

ख़ाली बोर्ड से डरिए मत। 18 मशहूर परिवार, ताकि आप देख सकें कि भरा-पूरा ट्री कैसा दिखता है।

अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्।
उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्॥
महा उपनिषद्
कितना लगेगा?
मुफ़्त
40 लोग

1 बोर्ड और हर महीने 20 बार असिस्टेंट। एक परिवार की तीन पीढ़ियों के लिए काफ़ी। कोई कार्ड नहीं, कोई एक्सपायरी नहीं।

प्लस
5,000 लोग

10 बोर्ड और हर महीने 500 बार असिस्टेंट। जब पूरा ख़ानदान चाहिए, सात पीढ़ी पीछे तक। Android ऐप के अंदर से, जब 40 लोग कम पड़ जाएँ।

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सवाल
क्या कोई और मेरा ट्री देख सकता है?

नहीं, जब तक आप ख़ुद लिंक न दें। और तब भी आप सिर्फ़ एक शाखा दिखा सकते हैं, बाक़ी अपने पास रखिए।

क्या iPhone पर चलता है?

ऐप अभी सिर्फ़ Android के लिए है, पर वेब वाला किसी भी फ़ोन या कंप्यूटर पर खुलता है — iPhone पर भी।

क्या सबका नाम टाइप करना पड़ेगा?

नहीं। बस बताइए, असिस्टेंट ख़ुद लोग और रिश्ते निकाल लेता है। आपको बस हाँ कहनी है।

क्या ये सिर्फ़ परिवार के लिए है?

नहीं। साथ काम करने वाले, क्लास के दोस्त, यार — जिसकी भी आपकी ज़िंदगी में जगह है, सब एक ही बोर्ड पर।

नानी को अब भी याद है।
आज ही पूछ लीजिए।

जो नाम आज नहीं पूछा, हो सकता है कल उसे बताने वाला कोई न रहे।